फरियादी मुनिम की कहानी में संदिग्ध, अगर उसकी आंख में स्प्रे करते है तो आंख क्यों नहीं हुई लाल, चोंट के निशान भी नहीं
— फिल्मी अंदाज़ में 65 ग्राम सोने की लूट या साज़िश? ???? नीमच के छोटा सर्राफा बाजार में मुनीम के साथ हुई कथित घटना पर पुलिस को शक। न आंखों में लाली, न चोट के निशान...
मध्यप्रदेश के नीमच शहर के छोटा सर्राफा बाजार की एक गली में सोमार शाम साढे चार बजे सर्राफा व्यापारी के मुनिम के साथ हुई कथित लूट ने पुलिस को चिंता में डाल दिया है। मुनिम की कहानी पर पुलिस तो क्या हर कोई को शक हो रहा है। 'मंगलम ज्वैलर्स के मुनिम दिलकुश पिता शांतिलाल नागदा निवासी बिसलवास बामनिया के साथ कथित लूट का मामला संदिग्ध लग रहा है, पुलिस की जांच उल्टी दिशा में घूम रही है, मुनिम की मानें तो ग्राम सोने की डली लेकर वह वापस दुकान आ रहा था, तभी रास्ते में किसी ने पहले तो आंखों में स्प्रे किया और फिर जेब में रखी सोने की डली लेकर भाग गए, उसे चक्कर आ गए और गिर पडा। उसका मालिक उसे जिला अस्पताल में भर्ती करने के लिए पहुंचा।
यह मामला इसलिए भी संदिग्ध लग रहा है, क्योंकि फरियादी मुनिम बता रहा है कि उसकी आंखो में स्प्रे डाला। डॉक्टरों की मानें तो स्प्रे जैसे कोई निशान नहीं मिले है। उसकी आंख ठीक है, अगर कोई स्प्रे करता है तो आंख में सूजन या फिर लाल हो जाती है, इसके बाद अगर चक्कर आने की बात करें तो आंख में स्प्रे डालने से चक्कर का भी कोई कनेक्शन नहीं है। उसे खरोंच तक नहीं आई।
दूसरी यह सबसे बडी बात है कि मुनिम कथित लूट का जो घटनास्थल बता रहा है, वहां पर सीसीटीवी कैमरें नहीं है, फरियादी मुनिम को यह पहले से पता है कि यहां पर कैमरें नहीं है। वह उस इलाकें को जानता था। लूट की घटना हो गई और किसी को कानों तक पता नहीं चला।
सोने के आभूषण गलाकर आ रहा था— मुनिम सोने के आभूषण को गलाकर एक डली के रूप में परिवर्तित कर लेकर आ रहा था। उसके मालिक ने 85 ग्राम सोने के आभूषण दिए, जो कटपीट कर 65 ग्राम हो गए।
तबियत ठीक होने पर पुलिस करेगी पूछताछ— अभी तो मुनिम जिला अस्पताल में भर्ती है, वह तबियत खराब होने का पूरा ढोंग कर रहा है, जैसे ही उसकी तबियत ठीक होती है तो पुलिस पूछताछ करेगी।
मालिक की भी हो सकती है मिलीभगत— इस मामले में सोना गायब की कहानी सामने आ रही है। इसके मालिक की भी संदिग्ध भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता है। फिलहाल पुलिस सभी बिंदुओं की जांच पडताल कर रही है।